26 मई 2020 - 15:55
इस्राईल के भीतर छिड़ी लंबी बहस, हिज़्बुल्लाह की ताक़त बढ़ने की वजह क्या है? इस्राईली सैनिक अफ़सरः हमारी आंख के सामने ईरान हमारी

इस्राईल के नेताओं और अफ़सरों में इस समय एक लंबी बहस छिड़ गई है कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन की ताक़त में इतना विस्तार कैसे हो गया? इस संदर्भ में इस्राईली अधिकारियों में आरोप प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है।

इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री व सुरक्षा मंत्री एहूद बाराक का कहना है कि दक्षिणी लेबनान से बाहर निकलने का उनका फ़ैसला ग़लत नहीं था बल्कि यह हालात की वजह से लिया गया रणनैतिक फ़ैसला था। इस्राईल के टीवी चैनल आई24 न्यूज़ से बात करते हुए एहूद बाराक ने कहा कि सन 2000 में दक्षिणी लेबनान से इस्राईली सैनिकों को वापस बुलाने का फ़ैसला बिल्कुल सही था।

एहूद बाराक ने कहा कि यह सच्चाई है कि हिज़्बुल्लाह की ताक़त बहुत तेज़ी से बढ़ी और वह मज़बूत राजनैतिक व सामरिक शक्ति बन गया लेकिन इसकी वजह दक्षिणी लेबनान से इस्राईली सैनिकों को बाहर निकालना नहीं बल्कि उस इलाक़े में इस्राईली सैनिकों को तैनात रखना था।

इस्राईली टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हिज़्बुल्लाह की ताक़त अब इतनी बढ़ चुकी है कि वह बहुत सी सेनाओं से ज़्यादा शक्तिशाली बन चुका है। इस्राईल के पूर्व सुरक्षा मंत्री और विदेश मंत्री एविग्डर लेबरमैन ने तो कहा था कि हिज़्बुल्लाह इस्राईली सेना के बाद दुनिया की दूसरी सबसे ताक़तवर फ़ौज है अंतर केवल इतना है कि छह दिवसीय अरब-इस्राईल युद्ध के बाद से इस्राईली सेना एक भी जंग नहीं जीत सकी है जबकि हिज़्बुल्लाह कोई जंग नहीं हारा है।

एहूद बाराक का कहना था कि इस्राईली सैनिकों के दक्षिणी लेबनान से बाहर निकलने की वजह से हिज़्बुल्लाह की ताक़त नहीं बढ़ी बल्कि 2006 के युद्ध के नतीजे में हिज़्बुल्लाह की ताक़त में बेतहाशा विस्तार हुआ। बाराक का कहना था कि ईरान ने इस्राईल के साथ शक्ति का संतुलन बनाने के लिए हिज़्बुल्लाह की व्यापक रूप से मदद की ताकि इस्राईल कभी भी ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के बारे में सोचने की हिम्मत न करे।

इस्राईली सेना के पूर्व जनरल यत्सहाक़ ब्रेक ने कहा कि 2006 की लेबनान जंग को 14 साल बीत चुके हैं उसके बाद से अब तक इस्राईल ख़ुद को उत्तर और दक्षिण दोनों दिशाओं से गंभीर ख़तरे में घिरा हुआ महसूस कर रहा है और यह भी महत्वपूर्ण है कि इस्राईल की इस दशा के बारे में ईरान को पूरी जानकारी है।

जनरल ब्रेक ने कहा कि पिछले दस साल में ईरान ने हमारे आस पास ढाई लाख से अधिक मिसाइल और राकेट लाकर तैनात कर दिए हैं और यदि अब कोई युद्ध होता है तो ईरान और उसके घटकों की ओर से इस्राईल पर रोज़ाना तीन हज़ार मिसाइल और राकेट गिरेंगे और यह संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। इस्राईली अफ़सर ने कहा कि यह मिसाइल बड़े सटीक रूप से अपने लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम हैं और उन पर सैकड़ों किलोग्राम के वारहेड फ़िट हो सकते हैं इसका मतलब यह है कि इस्राईल के भीतरी मोर्चे पूरी तरह ध्वस्त हो जाएंगे।

इस्राईली अफ़सर यत्सहाक़ ब्रेक ने कहा कि हमारी आंख के सामने ईरान हमारी तबाही की तैयारी करता रहा और हम कुछ न कर पाए।